Sunday, April 27, 2008

क्यों निकाला जाए अखबार

पूंजी अपने कसाईखाने को स्वगॆ साबित करने में सूचना तंत्र को ब्रम्हास्त्र की तरह इस्तेमाल कर रही है। सामाजिक चेतना को जाग्रित करने के लिए निकलने वाले अखबार सूचना क्रांति का इस्तेमाल करने में तो पिछड़ गए ही हैं साथ ही रचनात्मकता को भी खो बैठे हैं। इस लिए अगर सूचना को ही संघषॆ का माध्यम बनाया जाय तो इस क्षेत्र में इतिहास रचने के लिए काफी कुछ है।
इसलिए, क्योंकि-
१- पसीना बहाने वाली आबादी को संगठित किया जाए
२- बुजुॆवा मीडिया का जवाब ढूंढा जाए
३- बिखरी हुई शक्तियों को इकट्ठा होने का प्लेटफॉमॆ तैयार किया जाए
४- लोगों को संगठित करने के नए प्रयोग किए जाएं
५- एक सशक्त लोक मीडिया रिसचॆ सेंटर स्थापित किया
कुछ नुस्खे
साल के ३६५ दिन में लगभग हर दिन कोई न कोई स्पेशल डे होता है। इसकी लिस्ट बड़ी आसानी से तैयार की जा सकती है (यह लिस्ट ब्लॉग पर जारी की जाएगी)।

Thursday, April 24, 2008

आओ अखबार निकालें

इस ब्लॉग की शुरूआत का उद्देश्य एक ऐसे अखबार का कॉन्सेप्ट नोट तैयार करना है जो जनता का हथियार बन सके। सनद रहे मौजूदा मीडिया तंत्र सूचानाएं और जानकारी देने नहीं उन पर परदा डालने का काम कर रहा है। असल में सूचना क्रांति धनिक तंत्र का ब्रम्हास्त्र बन गया है।